छठ पूजा के दिन छठव्रती नाक से मांग तक सिंदूर क्यों लगाती हैं?
छठ पूजा 27 अक्टूबर से शुरू हो चुकी है ऐसा माना जाता है की छठव्रती के मांग से नाक तक सिंदूर लगाकर पूजा करने से पति की उम्र लम्बी होती है और घर में सुखशान्ति,खुशहाली बनी रहती है
छठ पूजा 27 अक्टूबर से शुरू हो चुकी है ऐसा माना जाता है की छठव्रती के मांग से नाक तक सिंदूर लगाकर पूजा करने से पति की उम्र लम्बी होती है और घर में सुखशान्ति,खुशहाली बनी रहती है
अंगूरी भाभी के लिए मशहूर टीवी एक्ट्रेस शिल्पा शिंदे को हाल ही में डांस शो ‘झलक दिखला जा 10’ से बेदखल होने के बाद एग्जिट डोर दिखाया गया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक नए वीडियो में जज करण जौहर, नोरा फतेही और माधुरी दीक्षित नेने के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर किया है.
हिन्दू मान्यता के अनुसार ये छठ पर्व (chhat puja) कार्तिक शुक्ल पक्ष के षष्ठी को मनाया जाता है। छठ पर्व (chhat puja) की शुरुवात नहाय खाय से शुरू होती है और उगते सूरज की पूजा के साथ खत्म होती है।
भाई दूज को देश के अलग-अलग हिस्सों में कई नाम से जाना जाता है।बंगाल में इस त्योहार को ‘भाईफोटो’ कहा जाता है।महाराष्ट्र में इसे ‘भाऊ बीज’ के नाम से जाना जाता है,तो वहीं मिथिला में इसे ‘यम द्वितीया’ के नाम से भी जानते है।
आज अचनाक से इंफोसिस के सीओ-फाउंडर नारयण मूर्ति की बेटी अक्षता नारायण मूर्ति लाइमलाइट में आ गयी है। अक्षता मूर्ति किसी पहचान की मोहताज नहीं है। वो एक सफल बिज़नेस वीमेन और फैशन डिज़ाइनर हैं।
ऋषि सुनक (Rishi Sunak) ये वो नाम है जिसने वो करिश्मा कर दिखाया जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती थी। एक होटल के वेटर से ब्रिटैन के प्रधानमंत्री बनने का सपना पूरा किया।
दीयों का त्योहार या दीपावली पुरे देश में धूम धाम से मनाया जाता है। दीपावली इस बार 24 अक्टूबर (सोमवार )को बड़े हर्षोउल्लाष के साथ… Read More »इस साल दीपावली कब बनायी जाएगी ?
छोटी दिवाली को नरक चतुर्दशी भी कहा जाता है क्यूंकि इस दिन भगवान श्री कृष्ण ने नरकासुर नामक राक्षस का वध किया था और उसके बंदीगृह से १६ हज़ार से ज्यादा महिलाओं को उसके अत्याचार से मुक्त करवाया था।
कार्तिक माह की कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि के दिन समुद्र-मंन्थन के समय भगवान धन्वन्तरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे, इसलिए इस तिथि को धनतेरस या धनत्रयोदशी के नाम से जाना जाता है।
एक नया कोविड ओमाइक्रोन उप-संस्करण भारत में ताजा कोविड मामलों के घटते प्रक्षेपवक्र के लिए खतरा बन गया है।BF.7 के रूप में पहचाना गया